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Brihad Avakahda Chakra [Sanskrit Hindi] Bhakti Vikas Trust श्री रंगाचारी तथा डाक्टर श्रीमती Author:Sudha Shrimali दशम भ व स Kapil Mohan KAB5212 श्री रंगाचारी तथा डाक्टर श्रीमती निर्मल जिन्दल ने अपने बहुमूल्य सुझावों द्वारा पुस्तक को पठनीय ही नहीं वरन् संग्रहणीय बनाया मैं उनका आभारी हूँ। मैं आभारी हूँ प्रोफेसर कुमार विवेकी का जिन्होंने षडबल सारिणी सहित उदाहरण कुंडलियाँ देकर बहुमूल्य योगदान किया । जिससे छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी कामनाओ की पूर्ति संभव है l श्रद्धा और विश्वास के बल पर लक्ष्य की ओर बढ़ने वाला तंत्र साधक अतिशीघ्र निश्चित लक्ष्य प्राप्त कर लेता है l भावो के प्रकट करने के साधनो का आदिस्रोत यंत्र तंत्र ही है l यंत्र तंत्र के विकास से ही अंक और अक्षरों की सृष्टि हुई l अत: रेखा
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