Scroll notes
Type firstDescription
Astrology Simplified [English] Astha Prakashan This is therefore Author:Sudha Shrimali दशम भ व स Kapil Mohan KAB5212 This is therefore जिनमें कालजनित परिवर्तन तथा परिवर्द्धन नहीं है। तथापि यहाँ पुराणों का काल निर्धारण करना मेरा उद्देश्य नहीं है। भविष्य के अनुत्सन्धित्सु जिज्ञासु वर्ग के लिये यह एक दिशा संकेत मात्र है कि पुराणों के काल के निर्धारण में पाश्चात्य चश्मे तथा उनके मानदण्ड की जगह स्वदेशी एवं स्वतन्त्र दृष्टिकोण को अपनाया जाये। भारत के श्रद्धालु वर्ग के अनुसार ये पुराण सनातन काल से चले आ रहे हैं। उनका मूलतत्त्व एक हजार वर्ष ही पुराना नहीं है। वह तो शाश्वत अतिप्राचीन है। तदनुसार मानव वानर का विकसित रूप नहीं है। वह सृष्टि के प्रारम्भ से ही रहा है। जो लोग स्वयं को वानरों का विकसित रूप डार्विन के विकासवाद के अनुसार मानते हैं
Exchange/Return Notes
- We offer a 30-day return/exchange service after receiving.
- Final sale items are not eligible for returns or exchanges.
- To process your return/exchange, please contact us at [email protected]
- Please click here for more details>>> Return & Exchange Policy
Discover
Random picks
You may also like
US$ 142.00
US$ 132.00
US$ 125.00