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Palmistry Guide An Easy Way to Learn Palmistry [English] Amogh Kashyap न्याय छंद ऋषि वगैरह नहीं Author:Sudha Shrimali दशम भ व स Kapil Mohan KAB5212 न्याय छंद ऋषि वगैरह नहीं होते I इन मंत्रो में व्यक्ति की इष्ट साधना व् गुरु की शक्ति प्रधान होती है I गुरु की कृपा एवं गुरु मुख से ग्रहित किए बिना शाबर मन्त्र सिद्ध नहीं होते Iशाबर मंत्रो में साधक को स्वय की साधना भक्ति पर स्वाभिमान विशेष होता है I जिसको साधक गुरु को शक्ति के साथ जोड़ देता है अप्टकवर्ग भावों एवं ग्रहों के बलाबल के आंकलन करने की एक अद्वितीय पध्दति है और सटीक फलित करने में सही मार्गदर्शन का काम करती है । इसका एक उदाहरण में तो जन्मपत्रिका में सुस्थित सूर्य जातक को प्रमत उंचाई की और ले जाएगा । ऐसा जातक जन्म से ही नेतृत्व करने की क्षमता वाला होगा और जीवन में वडी आसानी ने उसे सफलताये प्राप्त होगी । चूंकि नैसर्गिक राशिचक्र में सूर्य पंचम भाव का कारक ग्रह है
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